स्वेच्छा सेवानिवृत्ति इच्छुक कर्मचारियों को अतिरिक्त पेंशन।

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 स्वेच्छा सेवानिवृत्ति इच्छुक कर्मचारियों को अतिरिक्त पेंशन।

स्वेच्छा सेवानिवृत्ति इच्छुक कर्मचारियों को अतिरिक्त पेंशन।


शासनादेश संख्या 5/7/77 (3)-कार्मिक-1
दिनांक 24 अगस्त, 1977

 विषय:  स्वेच्छा सेवानिवृत्ति इच्छुक कर्मचारियों को अतिरिक्त पेंशन।

कार्मिक अनुभाग- 1:  मुझे यह खने का निदेश हुआ है कि उत्तर प्रदेश फण्डामेण्टल रूल 56(संशोधन) अधिनियम, 1976 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या, 33, 1976) द्वारा संशोधित मूल नियम 56 के अनुसार स्वेच्छा सेवा निवृत्त की आयु 50 वर्ष से घटा कर 45 वर्ष हो गयी है। इसके साथ हाई उक्त संशोधन अधिनियम द्वारा मूल नियम 50 के खंड (ङ) में बढ़ाये गये प्रतिबन्धात्मक खंड में यह भी प्राविधान कर दिया गया है कि जहाँ कोई सरकारी सेवक जो इस नियम अधीन स्वेच्छा सेवा निवृत होता है यह जिसे स्वेच्छा निवृत्त होने की अनुज्ञा दी जाती है, वहाँ नियुक्त प्राधिकारी उसे पेंशन और उपादान के, यदि कोई हो, प्रयोजनार्थ, पाँच वर्ष की या ऐसी अवधि की जिसमें यह कार्य किया होता, यदि वह अपनी अधिवर्षता की आयु के साधारण दिनांक रहता, जो भी कम हो, अतिरिक्त सेवा के लाभ की अनुज्ञा दे सकता है। सामान्यतया में, जहाँ किसी सेवक की चरित्र पंजी में उसकी सत्यनिष्ठा  संधिग्ध प्रकट हो, यह लाभ अनुमन्य न होगा।

2-- उक्त प्राविधान से यह विदित होता है कि कोई सरकारी सेवक जिसकी अधिवर्षता आयु 50 वर्ष है, 45 वर्ष या अधिक किन्तु 53 वर्ष की आयु प्राप्त करने पर स्वेच्छा सेवा निवृत्त होने की अनुज्ञा दी जाती है, तो उसको पेंशन तथा उपादान,यदि कोई हो, के प्रयोजन के लिए पाँच वर्ष की अतिरिक्त सेवा का लाभ दिया जा सकता है। यदि कोई सरकारी सेवक 53 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद किसी समय स्वेच्छा सेवा निवृत्त होता है या स्वेच्छा सेवा निवृत्त होने की अनुज्ञा दी जाती है, तो उसको 5 वर्ष से कम उतनी अवधि की अतिरिक्त सेवा का लाभ दिया जा सकता है जितनी अवधि में वह अधिवर्षता के साधारण दिनांक तक सेवा में रहता, यद्यपि उक्त प्राविधान के फलस्वरूप किसी सरकारी सेवक को पाँच वर्ष की अतिरिक्त सेवा का लाभ दिया जायेगा, तथापि पेंशन तथा उपादान के आगरण हेतु उसकी परिलब्धियाँ वही मानी जाएँगी जो वह स्वेच्छा सेवा निवृत्त के दिनांक को प्राप्त कर रहा था। अवर सेवा के कर्मचारियों के सम्बन्ध में जिनकी अधिवर्षता आयु 60 वर्ष है, ऊपर उल्लिखित उपबन्ध लागू होंगे। 

3--  आपसे अनुरोध है कि आप कृपया उपरोक्त प्राविधनों को ध्यान में रखें तथा अपने अधीनस्थ समस्त पेंशन  स्वीकृतकर्ता अधिकारियों की जानकारी में संशोधित मूल नियम 56 के उपर्युक्त प्राविधान भली प्रकार ला दें तथा यह निदेश दे दें कि स्वेच्छा सेवा निवृत्त होने वाले सरकारी सेवकों को उपर्युक्त सुविधा का लाभ देने के लिए आवश्यक कार्यवाही तत्परता से तथा शीघ्र करें।

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