भविष्य निर्वाह निधि में जमा धनराशि से सम्बद्ध बीमा योजना के अंतर्गत भुगतान
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उत्तर प्रदेश सरकार
वित्त (सामान्य) अनुभाग-4
संख्या सा-4- 152/दस-94-501-75
लखनऊ, दिनांक 25 अप्रैल 1994
कार्यालय-ज्ञाप
विषय- भविष्य निर्वाह निधि के अभिदाता राज्य कर्मचारियों के भविष्य निर्वाह निधि में जमा धनराशि से सम्बद्ध बीमा योजना के अंतर्गत भुगतान की जाने वाली धनराशि की अधिकतम सीमा में वृद्धि।
अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निर्देश हुआ है की भविष्य निधि अभिदाताओ में अधिक बचत करने की प्रवृति को प्रोत्साहित करने तथा उनके परिवार को अतिरिक्त सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्यपाल महोदय ने उनके भविष्य निर्वाह निधि में जमा धनराशि से संबद्ध एक बीमा योजना (Deposit Linked Insurance Scheme) जिसके अंतर्गत अभिदाता को बिना प्रीमियम दिए बीमा के अनुरूप लाभ मिल सके, वित्त विभाग की राजाज्ञा संख्या सा- 4-209/दस-501-75 दिनांक 5 दिसम्बर 1979 द्वारा लागू किए जाने की स्वीकृत प्रदान की था। उत्तर प्रदेश द्वितीय वेतन आयोग 1979-80 की संस्तुतियो के कार्यान्यवन के फलस्वरूप उक्त राजाज्ञा के प्रस्तर- 3 (iii) (क) में उल्लिखित सेवा समूहों के वेतनमान को वेतन आयोग की संस्तुतियो के अनुसार कार्यालय ज्ञाप संख्या सा-4-533/दस-85-501-79 4 अप्रैल, 1985 द्वारा संशोधित किया गया था। वक योजना के उद्देश्य से राज्यपाल महोदय उपर्युक्त दोनों राजाज्ञा के प्रस्तर-3 में आंशिक संशोधन करते हुए उसे निम्नरूप में प्रतिस्थापित किये जाने हेतु सहर्ष स्वीकृत प्रदान करते हैं:-
(1) सेवकाल में अभिदाता की मृत्यु हो जाने पर उसकी निधि में जमा अवशेष धनराशि को सं- गत नियमों के अनुसार प्राप्त करने के लिए पात्र व्यक्ति/ व्यक्तियों को निम्नलिखित पैराग्राफ (3) की शर्तों के अधीन उक अभिदाता की मृत्यु के पूर्ववती 3 वर्षों में उसके भविष्य निधि खाते में अवशेष धनराशि के औसत के बराबर अतिरिक्त धनराशि स्वीकार की जायेगी, किन्तु प्रतिबंध यह होगा की योजना के अंतर्गत किसी एक मामले में उस अतिरिक्त देय धनराशि की अधिकतम सीमा 30,000 रु० से अधिक नहीं होगी।
(2) अंशदायी भविष्य निधि (सी०पी०एफ०) मामले में केवल अभिदाता के अभिदान की धनराशि तथा उस पर अनुमन्य ब्याज। की धनराशि ही इस प्रयोजन के लिए अवशेष धनराशि मानी जायेगी।
(3) उपरोक्त लाभ निम्न शर्तों के पूरे होने पर ही प्राप्त होगा--
(क) मृत्यु के पूर्ववर्ती 3 वर्षों के दौरान ऐसे अभिदाता के खाते में विधमान अतिशेष किसी भी समय निम्नलिखित सीम से कम न हुआ हो।
(एक) अभिदाता जिसने उपर्युक्त 3 वर्षों की अवधि के वृहत भाग में एक ऐसा पद धारण किया जो जिसके वेतनमान का अधिकतम 4,000 रु० से अधिक न हो। 12,000
(दो) अभिदाता जिसने उपर्युक्त 3 वर्षों की अवधि के वृहत भाग में एक ऐसा पर धारण किया जो जिसके वेतनमान का अधिकतम 2,900 रु० या उससे अधिक किन्तु 4,000 रु० से कम हो। 7,500
(तीन) अभिदाता जिसने उपर्युक्त 3 वर्षों की अवधि के वृहत बाग में एक ऐसा पर धारण किया जो जिसके वेतनमान का अधिकतम 1,151 रु० 2,900 रु से कम हो। 4,500
(चार) अभिदाता जिसने उपर्युक्त 3 वर्षों की अवधि के वृहत भाग में एक ऐसा पर धारण किया जो जिसके वेतनमान का अधिकतम 1,151 रु से कम हो। 3,000
(ख) इस योजना के अधीन देय अतिरिक्त धनराशि 30,000 से अधिक नहीं होगा।
(ग) अभिदाता ने अपनी मृत्यु के समय कम से कम 5 वर्ष की सेवा की पूर्ण कर ली हो।
2-- उक्त 5 दिसम्बर, 1979 की राजाज्ञा की शेष शर्तें पूर्ववत लागू रहेंगी।
3-- यह संशोधन शासनादेश निर्गत होने की तिथि से प्रभावी होगा।
4-- सभी विभागाध्यक्षो/ कार्यालयाध्यक्षो से या निवेदन है कि वे अपनी अधीनस्थ सभी अधिकारियों/ कर्मचारियों को इस राजाज्ञा से अविलम्ब कर दें।
अनूप मिश्र
विशेष सचिव